“योग एक अनुशासन है,
यह चित्त और वृतियों का निरोध है।”
जब भक्ति भोजन में मिलती है, तो प्रसाद बन जाता है,
जब पानी में मिलती है, तो चरणामृत बन जाता है,
जब घर में मिलती है, तो मंदिर बन जाता है,
जब व्यक्ति में मिल जाता, तो वह भक्त बन जाता है।
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
अगर तुमसे कोई पूछे बताओ ज़िन्दगी क्या है,हथेली पर जरा सी राख़ रखना और उड़ा देना।
सभी जीवों में केवल इंसान ही पैसा कमाता है
और कितनी अजीब बात है कि
कोई जीव कभी भूखा नहीं मरता और
इंसान का कभी पेट नहीं भरता