लगातार हो रही असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए,कभी कभी गुच्छे की आखरी चाबी ताला खोल देती है.
इसी कशमकश में गुजर जाता है दिन
कि तुमसे बात करूं
या तुम्हारी बात करूं
हालात से ख़ौफ़ खा रहा हूँशीशे के महल बना रहा हूँ
इच्छाओं को थोड़ा घटाकर देखिए
आपको खुशियों का संसार नज़र आएगा
न हो तो रोती हैं जिदे, ख्वाहिशों का ढेर होता हैं,
पिता हैं तो हमेशा बच्चो का दिल शेर होता हैं.