“वफादारी की बात सांप किआ नहीं करते वफादारी की बात सांप किआ नहीं करते,क्या कहा आपने, “मोहब्बत”अरे भाई,हम ऐसे पाप किया नहीं करते…”
“वफादारी की बात सांप किआ नहीं करते वफादारी की बात सांप किआ नहीं करते,
क्या कहा आपने, “मोहब्बत”अरे भाई,
हम ऐसे पाप किया नहीं करते…”
कामयाबी उन्ही लोगों के कदम चूमती है, जो अपनें फ़ैसलों से दुनियाँ बदल कर रख देते हैं और नाकामयाबी उन लोगों का मुकद्दर बन कर रह जाती है जो लोग दुनियाँ के डर से अपनें फैसले बदल दिया करते हैं|
ये सिलसिला क्या यूँ ही चलता रहेगा,
सियासत अपनी चालों से कब तक किसान को छलता रहेगा.
Suruaat Se Dekhne Ki Aadat He Hume..Chahe Vo Film Ho Ya Dushman Ki Barbadi..
भय से तब तक ही डरना चाहिये जब तक भय (पास) न आया हो। आये हुए भय को देखकर बिना शंका के उस पर् प्रहार् करना चाहिये।