प्रार्थना शब्दों से नहीं दिल से होनी चाहिए क्योंकि…
भगवान उनकी भी सुनते हैं जो बोल नहीं पाते…
ये वर्ष आपके लिए खुशियों का नगर हो,
क्या बखूबी हो हर एक खुशी आपकी अगर हो.
हर रात फुर्सत के नए गीत सुनाए,
लम्हों के लबों पे भी शबनम का असर हो.
मौसम था बेकरार तुम्हें सोचते रहे,कल रात बार बार तुम्हें सोचते रहेबारिश हुई तो लग कर घर के दरवाजे से हमचुप चाप बेकरार तुम्हें सोचते रहे...
मैंने ज़माने के एक बीते दोर को देखा है
दिल के सुकून को और गलियों के शोर को देखा है
मैं जानता हूँ की कैसे बदल जाते हैं इन्सान अक्सर
मैंने कई बार अपने अंदर किसी ओर को देखा है।
कुछ सोचु तो तेरा ही ख्याल आता हैंकुछ बोलू तो तेरा नाम आता हैंकब तक मैं छुपाऊँ अपने दिल की बातउस की हर अदा पे हमे प्यार आता हैं