एक मुलाक़ात दो प्याली चाय हम और तुमऔर बातें बेहिसाब कहिये मंजूर है जनाब
एक मुलाक़ात दो प्याली चाय हम और तुम
और बातें बेहिसाब कहिये मंजूर है जनाब
कुछ लम्हों की ज़िन्दगी है, ज़ी लो इसे खुशनसीबों के जैसा,
महकते रहो सदा फूलों के जैसा, अगर बिखरो तो बिखरो खुशबू के जैसा।
शुभ प्रभात..
जब भी विंटर सीजन आती हैं,
कसम से तेरी याद बहुत आती हैं,
दिल सोचता है मेरा बार-बार
मेरा इनर कब लौटाओगे यार…
Happy Happy Winter Season
तुम्हारी प्यारी सी नज़र अगर इधर नहीं होती,नशे में चूर फ़िज़ा इस कदर नहीं होती,तुम्हारे आने तलक हम को होश रहता है,फिर उसके बाद हमें कुछ ख़बर नहीं होती.
Hamen Taameer Ke Dhokhe Mein Rakhakar Hamaare Khvaab Chunavaaye Gae Hain