“दोस्तों मेहनत से मोहब्बत करो,
क्योंकि यह तुम्हारी कामयाबी की वजह बनेगा..”
Aaj Ka Suvichar
परिश्रम वह चाबी है
जो सौभाग्य के द्वार खोलती है
बिना कुछ किये ज़िन्दगी गुज़ार देने से कहीं अच्छा है
ज़िन्दगी को गलतियां करते गुज़ार देना
अहंकार” और “संस्कार” में फ़र्क़ है…
“अहंकार” दूसरों को झुकाकर कर खुश होता है,
“संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है..!
सपने तो मेरे थे पर उनको पूरा करने का रास्ता
कोई और दिखाए जा रहा था और वो थे मेरे पापा….