इस बार भूले हो तुम भी कुछ,
याद दिलाऊंगा तुम्हें वो एक दिन l
तुम्हारी हर शिकायत का जबाब,
तुम्हारा भूलना होगा एक दिन l
वादे पे वो ऐतबार नहीं करते,हम जिक्र मौहब्बत सरे बाजार नहीं करते,डरता है दिल उनकी रुसवाई से,और वो सोचते हैं हम उनसे प्यार नहीं करते |
दिल की धडकने रुक सी गई हैं,
साँसे मेरी धम सी गई हैं.
पुछा हमने दिल के डाक्टर से.
तो पता चला सर्दी के कारण आपकी यादें.
दिल में जम सी गई हैं
इस नये साल मे खुशियों की बरसाते हो,प्यार के दिन और मोहब्बत भरी राते हो,रंजिशे नफ़रते मिट जाए सदा के लिए,सभी के दिलो में ऐसी चाहतें हो!!
याददाश्त की दवा बताने में सारी दुनिया लगी है !!!…
तुमसे बन सके तो तुम हमें भूलने की दवा बता दो…!!!