"नाराजगीं की उम्र बस इतनी है जाना,इधर तुमने हाथ पकड़ा, उधर मैं माना l"
धूप भी खुल के कुछ नहीं कहती ,
रात ढलती नहीं थम जाती है.
सर्द मौसम की एक दिक्कत है ,
याद तक जम के बैठ जाती है....
तरस आता है मुझे अपनी मासूम सी पलकों पर,जब भीग कर कहती है की अब रोया नहीं जाता।
गुजर गई वो सितारों वाली प्यारी सी रात,
आ गयी याद वो आपकी एक मीठी सी बात,
हर पल होती रहती थी हमारी मुलाकात,
अब तो बिन आपके होती होती है दिन की शुरुआत! 💘
Good Morning
ख़ुशियों की ख़ातिर हमने कितने क़र्ज़ उतार रक्खे हैं
ज़िंदगी फिर भी तूने हमपे कितने दर्द उतार रक्खे हैं
मासूम अगर होता तो सब मिलके लूट लेते
जाने किस अपने ने मेरे दुश्मन उतार रक्खे हैं