जो तुम्हें सच में चाहेगावो तुमसे कभी कुछ नहीं चाहेगा
जो बांधने से बंधे… और तोड़ने से टूट जाये…
उसका नाम है “बंधन”
जो अपने आप बन जाये… और जीवन भर ना टूटे…
उसका नाम है “संबंध”
संकट के समय धैर्य धारण करना
मानो आधी लड़ाई जीत लेना है
ईश्वर हर जगह नहीं हो सकते
इसलिए उन्होंने माँ को बनाया
क्रोध हमेशा मनुष्य को तब आता है
जब वह अपने आप को कमज़ोर और हारा हुआ पाता है