“दोस्तों मेहनत से मोहब्बत करो,
क्योंकि यह तुम्हारी कामयाबी की वजह बनेगा।”
परिश्रम वह चाबी है
जो सौभाग्य के द्वार खोलती है
जो लोग दूसरों का भला सोचते हैं
केवल उन्हीं का जीवन सफल है,
अपने लिए तो जानवर भी जीते हैं
पैसे से बिस्तर खरीदा जा सकता है, नींद नहीं
पैसे से महल खरीदा जा सकता है लेकिन खुशियाँ नहीं
क्रोध हमेशा मनुष्य को तब आता है
जब वह अपने आप को कमज़ोर और हारा हुआ पाता है