बाद में मुझ से ना कहना घर पलटना ठीक हैवैसे सुनने में यही आया है रस्ता ठीक हैशाख से पत्ता गिरे, बारिश रुके, बादल छटेंमैं ही तो सब कुछ गलत करता हूँ अच्छा ठीक है
वक़्त बदलता है हालात बदल जाते हैं,
ये सब देख कर जज़्बात बदल जाते हैं
Ho Jaun Itna Madhosh Tere Pyar Mai
Ke Hosh Bhi Aane Ki Ijaazat Maange..
जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,
अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं।
बे-फिजूली की जिंदगी का सिल-सिला ख़त्म,जिस तरह की दुनिया उस तरह के हम।