मुझे कुछ अफ़सोस नहीं के मेरे पास सब कुछ होना चाहिए था ।
मै उस वक़्त भी मुस्कुराता था जब मुझे रोना चाहिए था ।!!
जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है,रात होती है तो आँखों में उतर आता है,मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं,वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है !
Diye Hain Zindagi Ne Zaḳhm Aise;Ki Jin Ka Waqt Bhi Marham Nahin Hai!
बडी लम्बी खामोशी से गुजरा हूँ मै,किसी से कुछ कहने की कोशिश मे।