जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है,रात होती है तो आँखों में उतर आता है,मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं,वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है !
ये सुंदर सी रात है भरपूर तारो की बारात है
हवा बहुत ही गुन गुन है मौसम भी खुब बुल बुल है
इस लवली लवली नाईट मे.
शुभ रात्रि!
इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए,कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए,आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था,आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए!
दिल की किताब में गुलाब उनका था,रात की नींद में ख्वाब उनका था,कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा,मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था.
रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं,कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज,हाथ में जाम हैं,मगर पिने का होश नहीं.