“एक मिनट लगता है रिश्तों का मज़ाक उड़ाने में, लेकिन हम भूल जाते है जिंदगी रिश्तों से ही सजती और सँवरती है।” – Aaj Ka Suvichar
पाप एक प्रकार का अँधेरा है,
जो ज्ञान का प्रकाश होते ही मिट जाता है
ईश्वर कहते हैं उदास न हो,
मैं तेरे साथ हूँ, सामने नहीं आस पास हूँ,
पलकों को बंद कर और दिल से यादकर,
में कोई और नहीं, तेरा विश्वास हूँ।
इंसान अच्छा या बुरा नहीं होता
बस वक्त अच्छा और बुरा होता है
अँधेरा चाहे कितना भी घना हो लेकिन
एक छोटा सा दीपक अँधेरे को चीरकर प्रकाश फैला देता है
वैसे ही जीवन में चाहे कितना भी अँधेरा हो जाये
विवेक रूपी प्रकाश अन्धकार को मिटा देता है