शायरियों का बादशाह हूँ,
और कलम मेरी रानी है,
अल्फाज मेरे गुलाम है,
बाकि रब की महरबानी है.
“दर्द को दर्द से न देखो,
दर्द को भी दर्द होता है,
दर्द को ज़रूरत है दोस्त की,
आखिर दोस्त ही दर्द में हमदर्द होता है”
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर हू ,
चाहा था सिर्फ एक तुमको और तुमसे ही दूर हू .
काश कोई हम पर भी इतना प्यार जताती,
पीछे से आकर वो हमारी आँखों को छुपाती,
हम पूछते की कौन हो आप …??
और वो मुस्करा कर खुदको हमारी जान बताती.
जब से बाजी, वफा की हारे हैं.
दोस्तों, हम भी गम के मारे हैं.
तुम हमारे सिवा,सभी के हो,
हम किसी के नहीं,तुम्हारे हैं
भूल जाएँ बीते हुए कल को,
दिन में बसा लो अपने आने वाले कल को,
मुस्कुराओ और खुश रहो चाहे जो भी हो,
हर पल खुशियाँ लेकर आएगा आपका आने वाला कल.
HAPPY NEW YEAR 2021