पलके झुका के नमन करे,
मस्तक झुका के वंदना करे,
ऐसी नज़र दे दे मेरे कान्हा
जो बंद होते ही आपके दीदार करे |
कृष्णा जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाये
चंदन की लकड़ी फूलों का हार,अगस्त का महीना सावन की फुहार,भैया की कलाई बहन का प्यार,मुबारक हो आपको रक्षा-बंधनका त्यौहार।
ज़िदगी जीने के लिये मिली थी,
लोगों ने सोच कर गुज़ार दी……
कठिन है राहगुज़र थोड़ी दूर साथ चलोबहुत बड़ा है सफ़र थोड़ी दूर साथ चलो
तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता हैमैं जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो
काश उन्हें चाहने का अरमान नही होता,में होश में होकर भी अंजान नही होता,ये प्यार ना होता, किसी पत्थर दिल से,या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता!