Bhige mausam ki bhigi si shuruvat bhigi si yaad bhuli hui baat wo bhigi si ankhe.. wo bhiga hua sath. mubark ho apko aaj ki khubsurat barsaat.
दुःख में इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता है।
अगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो
बिना कुछ किये ज़िन्दगी गुज़ार देने से कहीं अच्छा है
ज़िन्दगी को गलतियां करते गुज़ार देना
आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
किसी की बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल उस मक्खी की तरह हैजो सारे खूबसूरत जिस्म को छोडकर केवल जख्म पर ही बैठती है…
किसी की बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल उस मक्खी की तरह है
जो सारे खूबसूरत जिस्म को छोडकर केवल जख्म पर ही बैठती है…