“आदमी ज़िंदगी में उतना ही बड़ा कर सकता है,
जितना बड़ा वह सोच सकता है.”
Aaj Ka Suvichar
इच्छाओं को थोड़ा घटाकर देखिए
आपको खुशियों का संसार नज़र आएगा
बुराई को देखना और सुनना ही
बुराई की शुरुआत है
सपने तो मेरे थे पर उनको पूरा करने का रास्ताकोई और दिखाए जा रहा था और वो थे मेरे पापा….
सपने तो मेरे थे पर उनको पूरा करने का रास्ता
कोई और दिखाए जा रहा था और वो थे मेरे पापा….
हमसफ़र खूबसूरत नहीं
बल्कि सच्चा होना चाहिए