वो जिंदगी ही क्या जिसमें मोहब्बत नहीं,
वो मोहब्बत ही क्या जिसमें यादें नहीं,
वो यादें ही क्या जिसमें तुम नहीं,
और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नहीं।
ये लम्हा मेरी मोहब्बत से भरा है ,
ये समां मेरी मोहब्बत से भरा है ,
इस गुलाब को सिर्फ गुलाब मत समझना,
और से देखना ये गुलाब मेरी मोहब्बत से भरा है.
ये मुहब्बत कब, किससे हो जाये इसका अंदाजा नहीं होता
ये वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं होता
तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है ,
ए दोस्तों.....
लेकिन पूरी उसकी ही होती है जो तक़दीर लेकर आता है .
Mera Shahar To Baarishon Ka Ghar ThehraYahan Ki Aankh Ho Ya Dil, Bahot Barasti Hain