सोचता रहा ये रातभर करवट बदल बदलकर,
जानें वो क्यों बदल गया, मुझको इतना बदलकर ।
Good Night
मुझे सहल हो गई मंजिलें वो,
हवा के रुख भी बदल गये,
तेरा हाथ, हाथ में आ गया,
कि चिराग राह में जल गये।
आपके होठो पर सदा खिलता गुलाब रहे,खुदा ना करे आप कभी उदास रहे,हम आपके पास चाहे रहे ना रहे,आप जिन्हें चाहे वोह सदा आपके पास रहे.
“Alfaaz To Bahut Hain
Mohabbat Bayan Karne Ke Liye..
Par Jo Khamoshi Nahi Samjh
Sakte, Wo Alfaaz Kya Samjhenge..!!
कुछ इस तरह से वफ़ा की मिसाल देता हूँ
सवाल करता है कोई तो टाल देता हूँ
उसी से खाता हूँ अक्सर फरेब मंजिल का
मैं जिसके पाँव से काँटा निकाल देता हु …