जब किसी की रूह में उतर जाता है मोहब्बत का समंदर,
तब लोग जिन्दा तो होते हैं, लेकिन किसी और के अंदर।
“जीत की ख़ातिर बस जूनून चाहिए,
जिसमे उबाल हो ऐसां खून चाहिए,
ये आसमा भी आएगा जमी पर ,
बस इरादों में जीत की गूँज चाहिए……..!!!.
नींद सोती रहती है हमारे बिस्तर पे,और हम टहलते रहते हैं तेरी यादों में।
शाम से आँख में नमी सी है
आज फिर आप की कमी सी है
लगता है, मेरा खुदा मेहरबान है मुझ पर,
मेरी दुनीयाँ में आपकी मौजूदगी, यूँ ही तो नहीं.!