मुहीम नहीं आन्दोलन बनाओ, दहेज़ का अब नाम मिटाओ|
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
धागा एक बार टूट जाये तो फिर से जोड़ने पर भी गाँठ पड़ ही जाती है
उसी तरह रिश्ते एक बार टूट जाये तो फिर से जोड़ने में एक गाँठ बन ही जाती है
अँधेरा चाहे कितना भी घना हो लेकिन
एक छोटा सा दीपक अँधेरे को चीरकर प्रकाश फैला देता है
वैसे ही जीवन में चाहे कितना भी अँधेरा हो जाये
विवेक रूपी प्रकाश अन्धकार को मिटा देता है
सफलता की कहानियां मत पढ़ो
उससे आपको केवल एक सन्देश मिलेगा।
असफलता की कहानियां पढ़ो उससे आपको
सफल होने के कुछ विचार मिलेंगे।