आपको अपने खुद के अलावा और कुछ चैन नहीं दे सकता।
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए,
जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए|
यकीन और दुआ नज़र नहीं आते मगर,
नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं।
धैर्य हमेशा आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा,
लगन आपको मंजिल तक अवश्य पहुंचाएगा,
मूल्यवान है ज़िन्दगी का हर लमहा,
इसे व्यतीत न करें बल्कि जी भर के जियें।
Suruaat Se Dekhne Ki Aadat He Hume..Chahe Vo Film Ho Ya Dushman Ki Barbadi..