मुझे रुला कर सोना..तो तेरी आदत बन गई है, जिस दिन मेरी आँख ना खुली..तुझे निंद से नफरत हो जायेगी।
आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर हैं
जिसका अधिक प्रयोग करोगे वो उभरती व निखरती जायगी
ना जाने क्यों कोसते हैं लोग बदसूरती को…बर्बाद करने वाले तो हसीन चेहरे होते हैं….!!