अजब चिराग हूँ दिन-रात जलता रहता हूँ,
थक गया हूँ मैं हवा से कहो बुझाए मुझे।
मैं कुछ लम्हा और तेरे साथ चाहता था;
आँखों में जो जम गयी वो बरसात चाहता था;
सुना हैं मुझे बहुत चाहती है वो मगर;
मैं उसकी जुबां से एक बार इज़हार चाहता था।
Log Apna Banake Chhodd Dete Hai,
Barso Ka Rishta Ek Pal Me Tod Dete Hai…
Humse Toh Ek Phool Bhi Na Toda Jata,
Log Toh Dil Na Jaane Kaise Tod Dete Hai!!
हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ ;
हर याद पे दिल का दर्द ताज़ा हुआ .!
Talash uski karo jo pass na ho.
Bhula do usse jispar vihswas na ho.
Ham to apne gam par hans parte hai.
Taaki samne wala udas na ho.