उड़े पतंग आसमान में सबकी निराली
पीली, लाल, हरी, नीली और काली
आओ मिलकर हम सब वसंत मनाएं
द्वार पर अपने रंगीली रंगोली सजाएं
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं
इश्क की शुरुआत निगाहों से होती है
सजा की शुरुआत गुनाहों से होती है
कहते हैं इश्क भी एक गुनाह है
जिसकी शुरुआत दो बेगुनाहों से होती है
त्याग दी सब ख्वाहिशें
कुछ अलग करने के लिए
“राम” ने खोया बहुत कुछ
“श्री राम” बनने के लिए
जब कोई पटाखा थोडा सा जलकर फुस्स हो जाता है तो उसे पैर से कुचल कर कुछ लोग ऐसे फील लेते है जैसे टाइम बम defuse करके दुनिया को बचा लिया हो....
8 से 9 महिने तक तुमने मुझे अवोईड किया,
लेकिन अब तुम मुझे ओर दूर नहीं रख सकते,
आज नहीं तो कल अपनी बाहों में मुझे जरूर लोगे,With Love…तुम्हारी पुरानी…“स्वेटर”