Khamosh Muhabbat Ka Ehsaas Hai Wo,
Mere Khwahish Mere Jajbat Hai Wo,
Aksar Ye Khyal Kyu Aata Hai Dil Mai,
Meri Pahli Khoj Or Aakhiri Talash Hai Wo
ये मुझे चैन क्यों नहीं पड़ता ,
एक ही शख्स था क्या पुरे जहान में .....
मैं उसका हूँ, यह तो मैं जान गया हों लेकिन,
वह किस का है, ये सवाल मुझे सोने नहीं देता......
रोज तारीख बदलती है,
रोज दिन बदलते हैं…
रोज अपनी उमर भी बदलती है…
रोज समय भी बदलता है…
हमारे नजरिये भी वक्त के साथ बदलते हैं…
बस एक ही चीज है जो नहीं बदलती…
और वो हैं हम खुद और बस ईसी वजह से
हमें लगता है कि अब जमाना बदल गया है!!
Mujhe mere Kal ki Fikar Aaj bhi nahi hai..
Par Khuwahish tO tujhe Paane ki Qayamat tak rahegi..
आपकी आहट दिल को बेकरार करती है,नज़र तलाश आपको बार-बार करती है,गिला नहीं जो हम हैं इतने दूर आपसे,हमारी तो जुदाई भी आपसे प्यार करती है।
आपकी आहट दिल को बेकरार करती है,
नज़र तलाश आपको बार-बार करती है,
गिला नहीं जो हम हैं इतने दूर आपसे,
हमारी तो जुदाई भी आपसे प्यार करती है।