वो दिल ही क्या जो तुझसे मिलने की दुआ न करे,
ए सनम.......
में तुझको भूल कर जिन्दा रह सकूं ऐसा रब्ब न करे.
कौन कहता है मुझे ठेस का एहसास नहीं,
जिंदगी एक उदासी है जो तुम पास नहीं,
मांग कर मैं न पियूं तो यह मेरी खुद्दारी है,
इसका मतलब यह तो नहीं है कि मुझे प्यास नहीं.
उसी का शहर, वही मुद्दई, वही मुंसिफ
हमीं यकीन था, हमारा कुसूर निकलेगा
यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो
जो हंस रहा है वोह ज़ख्मों से चूर निकलेगा
आप से मिलने का मन कर रहा है,मन को समझाया तो दिल कह रहा है,दिल को बताया तो आँखे रो पड़ी,उन्हे चुप कर दिया तो, साँसे बोल पड़ी,Happy New Year My Dear!!