हफ़्तों तक खाते रहो,
गुझिया ले ले स्वाद.
मगर कभी मत भूलना
नाम भक्त प्रहलाद.
सारे सबक किताबों में नहीं मिलते यारो
कुछ सबक जिंदगी भी सिखाती है
इतने हसीं चेहरे को देख कर चाँद भी सरमा गया,
आया मेरे पास और चुपके से फार्मा गया,
की जा रहा हु मैं छुपाने को अपनी ये खूबसूरती,
क्यों की मुझ से भी हसीन कोई आया और इस जहां पर छा गया
मुस्कुराओ क्या गम है,
जिंदगी में टेंशन किसको कम है,
अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम है,
जिंदगी का नाम ही.. कभी खुशी कभी गम है!!
इंटरव्यू लेने वाले ने पूछा: तुम्हारा नाम क्या है...???आवेदक: विजय दीनानाथ चौहान...!!!इंटरव्यू लेने वाला: लेकिन फॉर्म में तो तुमने अपना नाम वीरेन्द्र सिंह लिखा है?आवेदक: फिर क्यों स्वाद ले रहे हो...?