तुम्हारे प्यार का मौसम
हर मौसम से प्यारा है
मुझे तो न कोई आसमान चाहिये,मुझे तो न कोई जहाँ चाहिये,तू तो सितारों की एक महफ़िल है,बस उस पूरी महफ़िल में से बस एक तू चाहिए।
नाज़ुकी उसके लब की क्या कहिये,
पंखुड़ी इक गुलाब की सी है
आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा
वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा