तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था
खबर तो रहती….सफर तय कितना करना है
जिसकी सजा सिर्फ तुम हो
मुझे ऐसा गुनाह करना है
Mera Shahar To Baarishon Ka Ghar ThehraYahan Ki Aankh Ho Ya Dil, Bahot Barasti Hain
" रिस्ता " बारिश जैसा नही होना चाहिए ,
जो बरसकर खत्म हो जाए।
बल्कि
"रिस्ता "हवा की तरह होना चाहिए,
जो खामोश हो मगर सदैव आसपास हो।।🙏🙏
कुछ यूँ उतर गए हो मेरी रग-रग में तुम,
कि खुद से पहले एहसास तुम्हारा होता है।