“Alfaaz To Bahut Hain
Mohabbat Bayan Karne Ke Liye..
Par Jo Khamoshi Nahi Samjh
Sakte, Wo Alfaaz Kya Samjhenge..!!
चाहत तुम्हारी - रविवार की तरहहकीकत जिंदगी - सोमवार की तरह...!!
आज उस की आँखों मे आँसू आ गये,वो बच्चो को सिखा रही थी की मोहब्बत ऐसे लिखते है.
टीचर – संजू यमुना नदी कहॉं बहती है ?संजू – जमीन परटीचर – नक्शे में बताओं कहॉं बहती है ?संजू – नक्शे में कैसे बह सकती है, नक्शा गल नहीं जाएगा |