जब तक ना लगे
बेवफाई की ठोकर
हर कीसी को अपनी
पसंद पे नाझ होता है।
वादे पे वो ऐतबार नहीं करते,हम जिक्र मौहब्बत सरे बाजार नहीं करते,डरता है दिल उनकी रुसवाई से,और वो सोचते हैं हम उनसे प्यार नहीं करते |
कद बढ़ा नहीं करते, ऐड़ियां उठाने सेऊंचाईया तो मिलती हैं, सर झुकाने से।
तेरी हर अदा मोहब्बत सी लगती हैं
एक पल की भी जुदाई मुद्दत सी लगती हैं
पहले नहीं सोचा था अब सोचने लगे हैं
जिंदगी में हर पल तेरी जर्रूरत सी लगती है
Me Tumhe Kismat Ki Lakeeron Se Chura Leta…..
Faqat Ek Bar Tumne Mera Hone Ka Dawa To Kiya Hota…