Reh na paoge bhula kar dekh lo,
Yakin na aaye to aajma kar dekh lo,
Har jagah mehsus hogi meri kami,
Apni mehfil ko kitna bhi saja kar dekh lo…
मैंने ज़माने के एक बीते दोर को देखा है
दिल के सुकून को और गलियों के शोर को देखा है
मैं जानता हूँ की कैसे बदल जाते हैं इन्सान अक्सर
मैंने कई बार अपने अंदर किसी ओर को देखा है।
तुझको खुदा ने रुक-रुक बनाया,
पूरी ज़माने की खुदाई तुझ में ही भर दी,
हर अंग तेरा जैसे ,
रह-रह तू बरसे सावन महीना…
मां सरस्वती का वरदान हो आपको
हर दिन नई मिले ख़ुशी आपको
दुआ हमारी है खुदा से ऐ दोस्त
जिन्दगी में सफलता हमेशा मिले आपको
बसंत पंचमी की बधाई
हसीना से मिलें नजरें अट्रैक्शन हो भी सकता है,
चढ़े फीवर मोहब्बत का तो एक्शन हो भी सकता है,
हसीनों को मुसीबत तुम समझ कर दूर ही रहना,
ये अंग्रेजी दवाएं हैं रिएक्शन हो भी सकता है।