ये तो ज़मीन की फितरत है कि,
वो हर चीज़ को मिटा देती हे वरना,
तेरी याद में गिरने वाले आंसुओं का,
अलग समंदर होता..!!
Yaado k jungle me tab tak firta hu
Jab tak pair lahu luhan nahi ho jate..
नादान इनकी बातो का एतबार ना कर,भूलकर भी इन जालिमो से प्यार ना कर,वो क़यामत तलक तेरे पास ना आयेंगे,इनके आने का नादान तू इन्तजार ना कर!
इश्क का होना भी लाजमी है शायरी के लिये..कलम लिखती तो दफ्तर का बाबू भी ग़ालिब होता।
Yun to sapne bahut hasi hote hai,
Par sapno se pyaar nahi karte,
Chahate to tumhe hum aaj bhi hai,
Bas apni chahat ka izhar nahi karte!!!