एक नामुमकिन सी ख्वाइश है की बारिश हो पर कीचड़ ना हो|
दुनिया में सब चीज मिल जाती है,….
केवल अपनी गलती नहीं मिलती…..
उम्र ने तलाशी ली, तो जेबों से लम्हे बरामद हुए..कुछ ग़म के, कुछ नम थे, कुछ टूटे, कुछ सही सलामत थे..
बुराई को देखना और सुनना ही
बुराई की शुरुआत है
यकीन और दुआ नज़र नहीं आते मगर,
नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं।