Mera Shahar To Baarishon Ka Ghar ThehraYahan Ki Aankh Ho Ya Dil, Bahot Barasti Hain
तू वाकिफ़ नहीं मेरी दीवानगी से…
जिद्द पर आऊँ तो..ख़ुदा भी ढूंढ लूँ …
काश तकदीर भी होती किसी जुल्फ की तरह…
जब जब बिखरती संवार लेते…
सोचा था हर मोड़ पर तुम्हारा इंतजार करेंगे,सोचा था हर मोड़ पर तुम्हारा इंतजार करेंगे,मगर कम्बखत साली सड़क ही सीधी निकली ||