जो कट गई,
वो तो उम्र थी साहब.....!
जिसे जी लिया,
उसे जिंदगी कहिये......!!
सफलता ना मिले तो घबराना नही,
रुक कर सोचना तो पाओगे की ,
कुछ कदम चलना अभी शेष है।
संस्कारों से बड़ी कोई वसीयत नहीं होती
और ईमानदारी से बड़ी कोई विरासत नहीं होती
आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
नहीं बन जाता कोई अपनायूँ ही दिल लगाने से,करनी पड़ती है दुआ,सच्ता दोस्त पाने के लिए रब से,रखना संभालकर ये याराना अपना,टूट ना जाए ये किसी के बहकाने से