स्मृति ईरानी को मानव संसाधन विभाग से
हटाकर कपडा विभाग दे दिया गया|
“आज फिर एक बेटी के हाथ से किताब छीन कर सिलाई मशीन थमा दी गई है”
खुदा करे हर साल चाँद बन कर आए
दिन का उजाला शान बन के आए
कभी ना दूर हो आपके चेहरे से हंसी
ये होली का त्यौहार ऐसा मेहमान बन के आए
उड़ने दे इन परिंदों को आज़ाद फिजां में ‘गालिब’जो तेरे अपने होंगे वो लौट आएँगे
तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था
खबर तो रहती….सफर तय कितना करना है
Karni Hai Khuda Se Duaa Ki Teri Mohabbat Ke Siva Kuch Na Mile,
Zindagi Me Tu Mile Sirf Tu, Ya Phir Zindagi Na Mile..!