ये वक्त की नजाकत हैबदलते दौर की मजबूरी है।लड़के को पराठेऔरलड़की को कराटेसिखाना बहुत जरूरी है।आत्म -निर्भर बनो.
लड़की – क्या कर रहे हो?
लड़का – मूंगफली खा रहा हूँ।
लड़की – Haww! अकेले अकेले,
लड़का – अब 10 रूपये की मूंगफली में भण्डारा करू क्या….!!
चलो आज खामोश प्यार को इक नाम दे दें,अपनी मुहब्बत को इक प्यारा अंज़ाम दे देंइससे पहले कहीं रूठ न जाएँ मौसम अपनेधड़कते हुए अरमानों एक सुरमई शाम दे दें !
इश्क़ वही है जो हो एकतरफा हो
इज़हार-ऐ-इश्क़ तो ख्वाहिश बन जाती है
है अगर मोहब्बत तो आँखों में पढ़ लो ज़ुबान से इज़हार तो नुमाइश बन जाती है
Majburiya hoti hai sirf mahaan logo ke Jeevan MeinNahi to Ram Vanvaas MeinKrishna karaavaas MeinaurMai office Mein kyo baithta...