तबनेकी कर दरिया में डालअबनेकी कर,फोटो खींच,फेसबुक पर डाल |
तुमसे ही रूठ कर तुम्ही को याद करते हैं
हमे तो ठीक से नाराज़ होना भी नही आता
तेरी हर अदा मोहब्बत सी लगती हैं
एक पल की भी जुदाई मुद्दत सी लगती हैं
पहले नहीं सोचा था अब सोचने लगे हैं
जिंदगी में हर पल तेरी जर्रूरत सी लगती है
इच्छाओं को थोड़ा घटाकर देखिए
आपको खुशियों का संसार नज़र आएगा
इंसान सबसे ज्यादा तब खुश होता है, जब रेलवे फाटक बंद हो रहा हो और उसके पहले वो अपनी गाड़ी तुरंत-फुरंत निकाल ले... कसम से इसके बाद ओलिंपिक रेस जीतने वाली फीलिंग होती है।