एक बार संता जंगल में जा रहा था|अचानक भालू देखकर सांस रोककर जमीन पर लेट गयाये देखकर भालू आया और उसके कान में बोला...साले भूख नहीं है वरना कहानी तो बचपन में मैंने भी सुनी है..
इस गर्मी का आलम बस ...इतना समझ ले ग़ालिब....कपडे धोते ही सुख जाते है ।और पहनते ही गीले हो जाते है ।।
हम आज भी शतरंज़ का खेलअकेले ही खेलते हे ,क्युकी दोस्तों के खिलाफ चालचलना हमे आता नही ..।
बेटा : पापा एक बात बोलू?
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पापा : हा
बेटा : फेसबुक पर मेरे 15 फेक आईडी है
पापा : हरामखोर तू मुझे क्यों बता रहा है
बेटा : आप जिस रिया को 10 दिन से चाय पे बुला रहे है वो मै ही हु
पापा : दे थप्पड़ दे लात दे थप्पड़ दे लात
एहसान करो तो दुआओ में मेरी मौत मांगना
अब जी भर गया है जिंदगी से !
एक छोटे से सवाल पर
इतनी ख़ामोशी क्यों ….?
बस इतना ही तो पूछा था-
“कभी वफ़ा की किसी से…