मेरी मान डेंगू का कोर्स कर ले और दिल्ली निकल जा.. मलेरिया में कुछ नहीं रखा अब..जी पापा जी
अधिकारी :-ऐसी कौन सी औरत है,, जिसे 100 %
पता हो कि उसका पति कहां है??
पप्पू - सर खुजलाते हुए,,,,
विधवा औरत।
अधिकारी बेहोश...
वह अपने करम उँगलियों पर गिनते हैं,
पर ज़ुल्म का क्या जिनके कुछ हिसाब नहीं
हम दूर तक यूँ ही नहीं पहुंचे ग़ालिब ,
कुछ लोग कन्धा देने आ गए थे...
बनकर तेरा साया तेरा साथ निभाउंगी,तु जहा जाएगा में वहाँ-वहाँ आऊँगी,साया तो छोर जाता है साथ अँधेरे में,लेकिन में अँधेरे में तेरा उजाला बन जाउंगी !!
स्वयं को ऐसा बनाओ, जहाँ तुम हो, वहां तुम्हें सब प्यार करे,
जहाँ से तुम चले जाओ, वहां सब तुमें याद करें,
जहाँम पहुँचने वाले हो, वहां सब तुम्हारा इंतज़ार करें।