लोग हमारे बारे में क्या सोचते है?अगर ये भी हम सोचेंगे तो फिर लोग क्या सोचेंगे?
आपकी यादें भी हैं, मेरे बचपन के खिलौनो जैसी ..
तन्हा होते हैं तो इन्हें ले कर बैठ जाते हैं…!
उठाये जो हाथ उन्हें मांगने के लिए,
किस्मत ने कहा, अपनी औकात में रहो।
अपनी कमियाँ पूरी दुनिया से छिपाइए,
लेकिन अपनी कमियाँ कभी खुद से मत छिपाइए
अपनी कमियाँ खुद से छिपाने का मतलब होता है,
अपने आप को खुद बर्बाद करना
बन्ता : क्या कर रहे हो ???सन्ता : बदला ले रहा हूँ..??बन्ता : किससेसन्ता : वक़्त ने मुझे बर्बाद किया है . . .मैं अब वक़्त बर्बाद कर रहा हूँ..