BJP: BSP नारी का सम्मान नहीं करतीBSP: BJP में नारी का सम्मान नहींCongress: दोनों पार्टियां नारी-सम्मान के नाम पर धब्बासमाजवादी: अये हटाओ यार, एक तो ससुर सैफई में अबकीं लड़की नाँच नहीं भओ, तुमए अपनीं परी भाई ए
काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आके गले लगा ले मेरी इजाजत के बगैर।
मेरे-तेरे इश्क़ की छाँव में… जल-जलकर!
काला ना पड़ जाऊ कहीं !
तू मुझे हुस्न की धुप का
एक टुकड़ा दे…!
मुझे सहल हो गई मंजिलें वो,
हवा के रुख भी बदल गये,
तेरा हाथ, हाथ में आ गया,
कि चिराग राह में जल गये।
खुदा करे वो मोहब्बत जो तेरे नाम से है,
हजार साल गुजरने पे भी जवान ही रहे।