मैं वो नही जो तुझे गम में छोड़ दूँ,
मैं वो नही जो तुझसे नाता तोड़ दूँ,
मैं वो हूँ जो तेरी साँसे रुके तो, अपनी साँसे छोड़ दूँ।
मिलावट है तेरे इश्क में इतर और शराब की,
कभी हम महेक जाते है कभी हम बहेक जाते हैं !
इश्क है या कुछ और ये तो मुझे पता नहीं,
मगर मेरे दिल को जो सुकून तेरे होने से है,
वो किसी और से नहीं !
मैं तुझसे खफ़ा नहीं बस तेरे ख़्याल मै हूँ।
तू तो मेरी वो ख़ुशी है जिसे मैं किसी को न दूँ