मन तो मेरा भी करता है नाराज़ होने का पर, फिर याद आया की मानाने वाला तो कोई नहीं है। 😊😥
मन तो मेरा भी करता है नाराज़ होने का पर,
फिर याद आया की मानाने वाला तो कोई नहीं है। 😊😥
"मैं सिसकियाँ ले रो भी नहीं सकता,
मुस्कुराने का उससे वादा किया है l"
बिना दोस्त बने,
कोई अच्छा प्रेमी
नहीं हो सकता,
कभी देखा है तुमने,
रेत में गुलाब,
खिलते हुए l
कभी गुस्से में मुझे वो बहुत डाँटती है,ऐसा प्यार वो सबको नहीं बाँटती है l
मिरे सूरज आ मिरे जिस्म पे अपना साया कर
बड़ी तेज़ हवा है सर्दी आज ग़ज़ब की है
मुझे ना सताओ इतना कि मैं रुठ जाऊं तुमसे,
मुझे अच्छा नहीं लगता अपनी साँसों से जुदा होना।