तलाश कर मुझे खोया हूं मैं भी
तेरे इश्क में रात को 2:02 बजे तक सोया हूं मैं भी
जो आग इधर लगी थी उधर भी लगा आए हम
चुमकर उनके लबों को आज फिर से भाग आए हम
बहुत खुशनाशीब हु मैं,
जो मुझे तुम्हारा प्यार मिला…!
मैं नहीं जानती तुम मुझसे कितना प्यार करते हो,
बस इतना पता है तुम्हारे बिना जी नहीं सकती…!
मजा तो हमने इंतजार में देखा है,
चाहत का असर प्यार में देखा है,
लोग ढूंढ़ते हैं जिसे मंदिर मस्जिद में,
उस खुदा को मैने आपमें देखा है..!!
कोन जाने इश्क में क्यों एक नजर ही कायनात होती है
अरे इश्क के शहर में तो ये साज़िश भी बड़े शान से होती है