ज़िन्दगी यूँ ही बहुत कम है मोहब्बत के लिए,
फिर एक दूसरे से रूठकर वक़्त
गँवाने की जरूरत क्या है
दिल चाहता था उसे नजरअंदाज करना,
मगर आंखें थी कि उस पर से हटी ही नहीं..!!
न जाने भगवान से कौन सी बात हुई
दुआ मेरी कुबूल एक रात हुई ,
बस तू आई मेरे ख़्वाबो में ,
वही तुमसे मेरी मुलाकात हुई @!!
मेरे दिल पर तेरे इश्क़ का पहरा है
तभी तो ये प्यार, समुंदर से भी गहरा है!
कौन कहता है कि मोहब्बत बर्बाद कर देती है,
अरे यारों कोई निभाने वाला हो तो दुनिया याद करती है..!!