सच्ची मोहब्बत कभी खत्म नहीं होती
वक़्त के साथ खामोश हो
जाती है।
उलझने क्या बताऊं जिंदगी की
तेरे ही गले लगकर तेरी ही शिकायत करनी है❤
कोई पूछता है मुझसे मेरी ज़िन्दगी की कीमत
मुझे याद आ जाता है तेरा हसीं चहेरा
दिन तेरे ख़याल में गुजर जाता हैं,
रातों को भी ख़याल तेरा ही आता हैं,
कभी ये ख़याल इस तरह बढ़ जाता है की,
आयने में भी तेरा ही चेहरा नज़र आता हैं.
मुहब्बत कोई हमसे सीखे
जिससे इश्क है उसे पता तक नहीं